10 सितंबर 2021 - 18:43
अरब देशों को ईरान के ख़िलाफ़ पुराना राग अलापने के बजाए इस्राईल के अत्याचारों पर ध्यान देना चाहिए, तेहरान

चार अरब देशों की समिति द्वारा ईरान विरोधी बयान जारी करने पर तेहरान ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है कि इन अरब देशों को मूल्यहीन बयान जारी करने के बजाए फ़िलिस्तीनियों पर इस्राईल के अत्याचारों पर ध्यान केन्द्रिन करना चाहिए।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद ख़तीबज़ादे ने शुक्रवार को ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्र की वर्तमान स्थिति को लेकर ईरान विरोधी बयानबाज़ी को ख़ारिज करते हुए कहाः इस  तरह के बयानों से पता चलता है कि इन देशों को क्षेत्र के हालात की सही समझ नहीं है।

ग़ौरतलब है कि गुरुवार को मिस्र की राजधानी क़ाहिरा में चार अरब देशों मिस्र, सऊदी अरब, बहरीन और यूएई के विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चिंता जताते हुए तुरंत रूप से परमाणु संयंत्रों के परीक्षण की मांग की गई थी।

इसी तरह से इन अरब देशों ने ईरान पर दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के अपने पुराने आरोपों को दोहराते हुए तेहरान से मांग की है कि वह दूसरों के मामलों दख़ल देना बंद करे।

हालांकि यह वही अरब देश हैं, जिन्होंने यमन मिलकर एक अरब देश यमन पर पिछले 6 वर्षों से जंग थोप रखी है और लाखों लोगों की मौत का कारण बने हैं।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना था कि इस तरह के ईरान विरोधी बयानों का उद्देश्य, ज़ायोनी शासन की सेवा करना है।